प्राचार्य
केंद्रीय विद्यालय कोरापुट में आपका स्वागत है!
“रचनात्मकता वह बुद्धिमत्ता है, जो आनंद के साथ अभिव्यक्त होती है।”
— अल्बर्ट आइंस्टीन
जब हम अपने विद्यालय की हस्तलिखित पत्रिका के पन्ने पलटते हैं, तो हमें केवल शब्द और रंग ही दिखाई नहीं देते, बल्कि हम अपने नन्हे-मुन्ने शिक्षार्थियों की कल्पनाशक्ति, रचनात्मकता और उनकी अनूठी अभिव्यक्तियों के दर्शन करते हैं। प्रत्येक कहानी, कविता और चित्र उस साहस को दर्शाता है, जिसके माध्यम से हमारे विद्यार्थी खोजने, अभिव्यक्त करने और सृजन करने का प्रयास करते हैं।
एक विशाल वृक्ष एक ही दिन में आकाश तक नहीं पहुँचता। वह समय और धैर्य के साथ निरंतर बढ़ता है और अपनी जड़ों को मजबूत करता है। उसी प्रकार आपका प्रत्येक छोटा और ईमानदार प्रयास आपके चरित्र, कौशल और आत्मविश्वास को आकार देता है। वास्तविक सफलता केवल पूर्णता प्राप्त करने में नहीं, बल्कि सीखने और विकास की यात्रा को अपनाने में निहित है।
एक खाली पृष्ठ, किसी नई चुनौती की तरह, कभी-कभी कठिन और डरावना लग सकता है। फिर भी, जब भी आप लिखने के लिए पेंसिल उठाते हैं या चित्र बनाने के लिए ब्रश थामते हैं, आप आगे बढ़ने की दिशा में एक कदम उठाते हैं। गलतियों से डरें नहीं—वे बाधाएँ नहीं, बल्कि ऐसे पायदान हैं जो हमें परिस्थितियों के अनुसार ढलना, सुधार करना और पहले से अधिक मजबूत होकर आगे बढ़ना सिखाते हैं।
आपका मन एक बगीचे के समान है और आपका ध्यान उसकी धूप है। इसे जिज्ञासा, करुणा और दृढ़ता से सींचते रहें; आप देखेंगे कि आपकी क्षमताएँ धीरे-धीरे खिल उठेंगी।
यह पत्रिका हमारे विद्यार्थियों की रचनात्मकता, समर्पण और उत्साह से बुनी गई एक सुंदर कृति है। मैं उन सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालय परिवार के सदस्यों को हार्दिक बधाई देता/देती हूँ, जिन्होंने इसे संभव बनाने में अपना योगदान दिया है।
कामना है कि ये पृष्ठ आपको बड़े सपने देखने, स्वतंत्र रूप से सृजन करने और निरंतर सीखते रहने के लिए प्रेरित करें। उद्देश्य के साथ उठाया गया प्रत्येक छोटा कदम आपको किसी असाधारण उपलब्धि के और करीब ले जाता है।
मैं विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों को निरंतर प्रगति और सफलता के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता/करती हूँ।
सादर शुभकामनाओं सहित,
प्रभारी प्राचार्य
पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय कोरापुट